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नेपाल बारे भारतीय अनलाइन मिडियाले फैलाएका केही यथार्थ जस्ताको तस्तै

नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे

इंटरनेशनल डेस्क। चीन ने कहा है कि नरेंद्र मोदी की नेपाल यात्रा सफल साबित हुई है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने कहा, "17 साल में पहली बार गए किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नेपालियों को दिल जीत लिया है। वे रिश्तों को काफी आगे और नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं। हालांकि, नेपाल को अब संदेह हो सकता है कि कहीं भारत उसके ऊर्जा क्षेत्र पर एकाधिकार न जमा ले।"

गौरतलब है कि नेपाल के अगल-बगल में विश्व की दो बड़ी आर्थिक महाशक्ति भारत और चीन है। वह पर्यटकों के बीच लोकप्रिय देशों में से एक है। 147,181 किलोमीटर में फैला दक्षिण एशिया का यह शहर नेचुरल रिसोर्सेस और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यह छोटा-सा पहाड़ी देश हाइड्रोपावर, राफ्टिंग और माउंटेन ट्रैकिंग के लिए भी मशहूर है। विभिन्न देशों के पर्यटक माउंट एवरेस्ट (दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत) और अरुण घाटी (सबसे गहरी घाटी) को देखने आते हैं।

इस देश में विभिन्न जाति और धर्म के लोग रहते हैं। कई सालों से माओवादी संघर्ष में उलझे होने के कारण यहां नया संविधान बनना बाकी है। इससे इसके विकास पर काफी प्रभाव पड़ा है। इन सबके बावजूद नेपाल प्राकृतिक स्रोतों सहित कई मामलों में अन्य देशों से आगे है।

जानिए नेपाल से जु़ड़े 10 फैक्ट्स...

दुनिया का सबसे स्लो इंटरनेट

नेपाल दुनिया का दूसरा देश हैं, जहां इंटरनेट की गति बहुत धीमी है। यहां 32 फीसद इंटरनेट कनेक्शन या 60 फीसद लोगों का इंटरनेट 256 kbps से भी कम स्पीड में चलता है। नेपाल में कई IPSs और कम्युनिकेशन फर्म कम दाम में इंटरनेट की गति को तेज करने का प्रयास कर रही हैं।
 नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे

आगे पढ़ें: हमेशा गुल रहती है बिजली...
नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे

हालांकि, नेपाल का स्थान वाटर रिसोर्स के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर है। अगर इसका समुचित उपयोग किया जाए तो यह देश हाइड्रोपावर के क्षेत्र में दुनिया में एक बड़ी ताकत बन सकता है। अभी तक नेपाल में लगभग 83,000 मेगावाट हाइड्रोपावर का उत्पादन होता है। यहां के बेकार इन्फ्रास्ट्रक्चर की वजह से यह देश बिजली पैदा करने में अभी काफी पीछे है। यहां लोगों को रोजाना 9-12 घंटे ही बिजली मिलती है और हर सीज़न में 3 से 4 बार पावर कट होता है। इसी वजह से यह देश इंडस्ट्री, फैक्ट्री और ऑफिस की मूलभूत सुविधाओं के मामले में अभी भी अन्य देशों की अपेक्षा काफी पिछड़ा हुआ है।
तंबाकू के लिए फेमस
नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे

नेपाल कभी चरस-तंबाकू आदि के लिए बहुत फेसम था। 70 और 80 के दशक में नेपाल की राजधानी काठमांडू में हिप्पीज लोग चरस और अन्य नशे के लिए आया करते थे। इस देश में वीड (चरस, तंबाकू) खरीदना, बेचना और इस्तेमाल करना गैरकानूनी है। फिर भी लोग चोरी-छिपे इसका व्यापार करते हैं। अभी भी वहां तंबाकू की अवैध खेती की जाती है।
वर्ल्ड हेरिटेज साइट
 नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे
15 किलोमीटर के एरिया में नेपाल में सात हेरिटेज साइट्स आती हैं। इनमें पशुपतिनाथ मंदिर, स्वयंभूनाथ मंदिर, बुद्ध स्तूप, काठमांडू, भक्तपुर और पटन दरबार स्क्वॉयर शामिल हैं। यह सभी हेरिटेज काठमांडू वैली के तीन जिलों काठमांडू, भक्तपुर और ललितपुर में पड़ते हैं।
नमस्ते करना
 नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे
नमस्ते करना वैसे तो भारतीय परंपरा में अभिवादन करने का तरीका है। लेकिन नेपाल में भी हाथ मिलाकर या गले लगकर नहीं, बल्कि हाथ जोड़कर अभिवादन करने की परंपरा है। नेपाल के भारत से सटे क्षेत्रों में नमस्ते के साथ ही बड़े बुजुर्गों के पांव छूकर आशीर्वाद लेना भी अभिवादन करने का एक तरीका है।
अनेकता में एकता
नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे

‘यूनिटी इन डायवर्सिटी’ स्लोगन के साथ नेपाल के लोग देशप्रेम और राष्ट्रीयता को बहुत मानते हैं। नेपाल में भगवान बुद्ध के प्रति लोगों में जबरदस्त श्रद्धा की भावना देखी जा सकती है। महाशिवरात्रि के अवसर नेपाल का बहुत बड़ा त्योहार है। इस मौके पर पशुपतिनाथ मंदिर में अपार भीड़ उमड़ती है।
नेशनल फ्लैग
नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे
दुनिया में नेपाल का झंडा ही ऐसा है, जो चतुर्भुज नहीं है। इसके अलावा सभी देशों के झंडों के चार कोने होते हैं। हाल में हुए एक रिसर्च में यह माना गया है कि नेपाल का झंडा एक मैथेमैटिकल झंडा है, जो इस देश की पहचान बताता है। नीला बॉर्डर और लाल रंग के साथ ही झंडे में बना चांद और सूरज और दो त्रिकोण हिमालय और दो धर्म हिंदू और बौद्ध को दर्शाते हैं।
माउंटेन क्लाइंबिंग, ट्रैकिंग और राफ्टिंग
 नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे
नेपाल में 8 सबसे ऊंचे पहाड़ या चोटियां हैं। इस वजह से यह देश माउंटेन क्लाइंबिंग, ट्रैकिंग और राफ्टिंग के लिए ट्रैवलर के बीच खासा चर्चित है। यहां हिमालय की वजह से लोग वैसे ही आकर्षित हो जाते हैं, जिस वजह से माउंटेन क्लाइंबिंग करने वालों के लिए यह जन्नत है। वहीं, यहां की त्रिशूली नदी भी रिवर राफ्टिंग करने वालों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। एक अनुमान के अनुसार, राफ्टिंग और ट्रैकिंग में रुचि रखने वाले दुनिया के 20 फीसदी से ज्यादा लोग यहां आते हैं।
कई रिकॉर्ड हैं देश के नाम
 नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे
नेपाल के नाम दुनिया के कई रिकॉर्ड हैं। इसमें से सबसे पहले 8,848 मीटर की ऊंचाई वाला माउंट एवरेस्ट है। इसके साथ ही यहां धरती की सबसे ऊंची 4800 मीटर की तिलिचो झील, 3600 मीटर ऊंचाई वाली 145 मीटर गहरी Shey phoksundo झील, 1200 मीटर गहरी Kalidanki वैली और सबसे ऊंची अरुण घाटी है। इसके अलावा भी नेपाल के नाम कई वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं, जैसे दुनिया का सबसे छोटा आदमी चंद्र बहादुर इसी देश का है।
गोरखा सैनिकों की अतुलनीय बहादुरी
नेपाल से जुड़ी वो दस बातें, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे
नेपाल के पड़ोसी देश भारत और चीन पर अंग्रेजों ने सालों साल राज किया, लेकिन कोई भी ताकत आज तक नेपाल को हाथ नहीं लगा सकी है। इसका श्रेय 'गुरखा' को जाता है। नेपाल के गोरखा बहादुरी और पराक्रम के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण विश्व युद्ध में उनका प्रदर्शन था।
श्रोत :- दैनिक भास्कर

भारतीय प्रधानमन्त्री मोदीको नेपाल भ्रमण एक बिष्लेशण-"नकुल ढकाल नबिन"

                     हातमा सुनको चैन, गलामा सुनको मोटो लामो सिक्री, झलल झल्किने टाई सुट, ऐना सरि टल्किने जुत्ता, एक दुइ करोडको घडी, हिन्दा पनि स्लो इमोशनमा टक्क आउछन अनि नेपाली नेताहरुलाइ उत्तेजित हुने छेद बिक्षद पार्ने खालको ब्यबाहार गरेर राजनीतिक दलहरुलाई औलो हालेर धर्मको कुरो अनि धम्कि पूर्ण सैलिमा सन्धि सम्झौता र नेपालि राजनीतिलाइ नया हिंशा तर्फ धकेल्ने गरि मोदी आउदै छन् हामि सबैले सायद यस्तै सोचेका थियौ, हाम्रो मनमा मोदीको आगमनले पिडा दिईरहेको थियो,


तेस्माथी पनि नेपाल सरकारले गरेको भब्य स्वागत र उनले बिमान मार्फत पठायका दुइ वटा अरबौ रुपियाका गाडीले पनि मनमा संका पैदा गरेको थियो, नेपाली समय अनुसार साउनको अठार गते बिहान दस पचपन्न बजे नेपाली भूमिमा भारतीय प्रधानमन्त्रि मोदीले पाइलाटेके, बिमान बाट मन्द मुस्कुराउदै एक जना व्यक्ति झरे जसको सरिरमा साधारण दौरा सुरुवाल एउटा स्टकोट सामान्य जुत्ता अनि हातमा सामान्य घडी, उनि बिमान बाट ओर्लिय अनि हात हल्लाउँन सुरुगरे, उनको स्वागतमा प्रतीक्षा गरिरहेका नेपालका प्रधानमन्त्रीले जानी नजानी स्वागत गरे, नेपालि प्रधानमन्त्रि सुसिल कोइराला चिटिक्क परेर कालो चस्मामा सजियका थिय, लाग्थ्यो भर्खर कुरकुरे बैश चढेको नौ जवान, धोका दियो चाउरी परेको गाला अनि सेताम्मे फुलेका रौ हरुले, मोदी हायात hotel पुगेर केहि छिन बिश्राम गरे लगत्तै दिउस संसद भबन पुगे, उनको मन्तब्य र नेपालिलाइ सम्बोधन गर्ने कार्यक्रममा मोदीले नेपालि भाषा बाट बोल्न सुरु गरे, म भने एक छिन अल्मल्लीय, होइन के हुदै छ, एक जना भारतीय प्रधानमन्त्रि नेपालि भाषामा सम्बोधन गर्दै छन् ? कसले सिकायो होला, लेखेर दियको पनि कति सुद्द बोलेको, आहा मनमा कति आनन्द आयो, एउटा बिदेशी मुख्य सक्तिले नेपाली भाषामा नेपालीलाई सम्बोधन गर्दा अति आनन्द यो मनमा, उनि बोल्न सुरु गर्दै उनले सुरुमै नेपालको बरण मात्र सुरुगरेनन, उनि आफु गौरब भयको समेत जानकारी गराय, उनले गौतम बुद्दको देशमा सान्तिको कामना गर्न आयको जानकारी दिय, पसुपतिको देशमा दर्शन गर्न र आफुले आसिर्बाद लिन आयको जानकारी मात्र गरायनन सम्पूर्ण भारतीय नागरिकलाई पनि आकर्सण हुने गरि सम्बधन गरे, नेपालले सहयोग चाहे भारतीय नागरिकहरुलाई पर्यटनको रुपमा नेपाल भित्र्याउन सक्ने र आफुले सहयोग गर्ने जानकारी दिय, नेपालले बिजुली उत्पादन गरेर नेपाललाई मात्र होइन भारतलाइ पनि उज्यालो दिन र ब्यापार गर्न आग्रह गरे, उनको मुख बाट निस्कियको हर सब्दले एउटा मात्र भाब झल्किन्थ्यो, नेपाल नरहे भारत रहदैन, nepal कम्जोर भय भारत सक्षम हुन सक्दैन, नेपाललाइ बिस्वका समृद्द देशहरु संग हातमा हात काधमा काध मिलायर हिड्द सक्ने सक्षम मुलुकको रुपमा देख्न चाहेको जस्तो बुझिन्थ्यो, उनि बोल्दै गय, उनि बोल्दै गर्दा एस्तो लाग्थ्यो पशुपतिनाथ मन्दिर छोडेर साक्षात इस्वरिय सक्तिमा संसद भबन प्रवेश गरे अनि नेपाली जनता लाइ सम्बोधन र नेपाली नेतालाई परिवर्तनको सिक्षा दिय, उनि बोल्दै गर्दा संसद भबन उल्लासमय बनेको थियो, हिजो bharat मुर्दाबाद भन्नेहरु लज्जास्पद हुदै टुलुटुलु हेरिरहेका थिय, भारतीय मन्त्रि बोल्दै गय समय सकिदै गयो, तर हाम्रो लागि समय प्रयाप्त भयन हामि अझ धेरै नेतालाई सिक्षा दियको हेर्न चाहान्थेउ, अन्त्यमा उनले नेपाललाई एक खर्ब बराबर नेपालि रुपिया सहयोग गर्ने घोषणा गरे, संसद भबन तालीले गुन्जयमान बन्यो, कतिले त सायद औला भाच्दै थिय होला, मेरो भागमा कति पर्यो, यसरी भारतीय मन्त्रिले आफ्नो मन्तब्य टुंग्याय, हायत hotel तर्फ जादै गर्दा उनले आफ्नो स्वागतमा रहेका सर्बसाधारण नेपालि देखे, अनि गाडी बाट उत्रिय र स्वागत ग्रहण गरे, हात मिलाय हात हल्लाय, उनि साच्चै महान व्यक्ति हुन, उनीमा जादु छ, मैले भने दुइ वटा कुरा सम्झीरहेको थिय, संबिधान सभा एक हुदा प्रचण्डले गलामा भिरेको माला, प्रचण्डलाइ नेपालि जनताले गरेको बिस्वास, उनले पायको सम्मान, प्रचण्ड द्वारा रास्ट्र नेर्तित्वको प्रतीक्षा, अनि प्रचण्डले एक बर्ष बित्न नपाउदै नेपाली जनतालाई दियको निराशा धोका, उनको पदमोह ब्यबाहार, उनको मस्ती गर्ने सैलीको व्यक्तित्व, प्रचण्डलाइ अवसरले साच्चै पछ्छ्यायको थियो,तर उनले त्यो अवसर गुमाय, मोदीको अनुहारमा देखियको इस्वरिय सक्तिको रुप अस्ति प्रचण्ड माथि पनि देखेका थिय नेपाली जनताले, तर त्यो अमुल्य घात संबिधान सभा दुइमा महँगो साबित भयो, उनको पाटीले नराम्रो हार ब्योहोर्नु पर्यो, मलाइ बिस्वास छ मोदीको आगमनले नेपालि राजनीतिलाई नया उर्जा दियको हुनुपर्छ, मेरा नेताहरुमा केहि सकारात्मक सोचको बिकाश भयको हुनुपर्छ, एध्धेपी भयन भने नेपालि राजनीत कुकुरको पुच्छार ठहरिने छ,

नकुल ढकाल नबिन को फेसबुक  बाट

खरानीको थुप्रोमा परिणत भएको गाजा (फोटो फिचर)

इजरायली सेना र प्यालेस्टाइनी लडाकु समूह हमासबीचको भिडन्त केही मत्थर भएको छ । १२ घण्टे युद्धविराम अवधी सकिएपनि इजरायलले त्यसलाई विस्तार गरेर २४ घण्टा थप गरेको छ । तर पश्चिमी किनारा नियन्त्रणमा राखेको हमासले भने इजरायली सेना नफर्के सम्म युद्धविराम स्वीकार गर्न नसक्ने बताएको छ । २० दिन सम्मको इजरायली सेनाको आक्रमणमा १ हजार ५० भन्दा बढी प्यालेस्टाइनी मारिएका छन् भने इजरायल तर्फ ४२ सैनिक र ३ सर्वसाधारण मारिएका छन् ।
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इजरायली सेनाको आक्रमणबाट गाजाका कतिपय बस्तीहरु खरानीमा परिणत भएका छन् । शुक्रबारको पछिल्लो आक्रमणमा वेष्ट ब्याङ्कको नाब्लुस र हेब्रोनमा ८ प्यालेस्टाइनी मारिएको त्यहाँका स्वास्थ्यकर्मीले जनाएका छन् ।
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इजरायलले युद्धविरामको अवधी विस्तार भएको घोषणा गरेपनि हमासले भने इजरायलतर्फ ५ वटा रकेट आक्रमण गरेको बताएको छ । यो आक्रमणले २० दिन लामो आक्रमण रोकेर शान्ति प्रक्रिया थाल्ने अन्तर्राष्ट्रिय प्रयासमा असर पर्ने चिन्ता पनि ब्यक्त भैरहेका छन् ।
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गाजा भिडन्त रोक्नका लागि प्रयासरत अमेरिकी विदेशमन्त्री जोन केरीले यसै विषयमा शनिबार युरोपेलीसंघका विदेशमन्त्रीहरुसँग भेटवार्ता गरेका थिए ।
source:-nepaliheadlines.com/2014-07-27-05-28-13.html#sthash.3EVaU2bg.dpuf

एमालेको बाँदरे प्रवृतिले आफु पनि डुब्यो हामीलाई पनि डुबायो, हामीलाई प्राविधिक होइन एमालेले अपराधि बनायो-राम-लक्ष्मण

नेकपा एमालेको नवौ महाधिवेशनले कसैलाई नेतृत्वमा पु¥यो भने कसैले पराजयको पीडा भोगे , अर्को तर्फ भने एमाले महाधिवेशनका लागि भोटिङ मेसिन तयार पर्नेहरुको भने सपनै टुट्यो , उनीहरु यतिबेला ठुलो आर्थिक भारको पीडाले भौतारिरहेका छन । एमाले महाधिवेशनकालागि तयार गरिएको विद्युतिय भोटिङ मसिन निर्माता युवा वैज्ञानिक राम, लक्ष्मण र केबीले यसरी पोखे जयदेशसंवाददाता कृष्ण गिरीसंग पिडा उनीहरुकै शब्दमा तयार पारिएको रिपोर्ट - 

पहिला ४० वटा मसिन राखौला एमाले महाधिवेशनमा भन्ने थियो । तर पछि हामीले ७०वटा जति बनाउनु पर्छ भन्ने भयो । किनकि २ हजार देखि २२ सय प्रतिनिधिले भोट हाल्दा सात आठ घण्टामा सक्ने भन्ने थियो । त्यसै बिच एमालेसंग पनि कुरा अगाडि बढ्यो । उनीहरुलाई 
भोटीङ मसिन
हामीले एड्भान्स माग्यौ ।उनहरुले पनि हुन्छ भने । हामीले उनीहरुसंग बसेर छलफल ग¥यौ । दुई सय जनालाई छान्नु पर्ने रहेछ त्यो पनि पाँच सय बाट । हामीले त्यसको लागि थ्रि डि डिजाइन बनायौ । अन्तिमा उनले भने हामीलाई भोटिङ मसिन १९ गते चाहिन्छ । हामीले पनि त्यो समयमा मसिन बनाएर दिने भयौ । एक मसिनको एक लाख पर्छ । तपाईको महाधिवेशनमा जम्मा जम्मी ७० वटा मसिन चाहिन्छ । ती सबै मसिन तपाइहरुको लागिमात्र बनाउने हो । तपाईहरुले किन्नु होस् पनि भनेका थियौ । तर पछि हामीले नै भन्यौ कि मसिन हामीनै राख्छौ । तपाईहरु हामीलाई भाडा दिनु होला । हामीले यस्तो भन्नुको कारण थियो एमालेको महाधिवेशनमा प्रयोग भएपछि हामीलाई अरुले पनि विश्वास गर्छ । हाम्रो मार्केट बढ्छ । अहिलेलाई घाटा भएपनि पछिलाई फाइदा हेरेर काम गर्न तयार भएका हौ । एमालेको निर्वाचन आयोग र हामी बिच सम्झौता भयो । हामीले दश लाख मागेका थियौ । उनीहरुले पहिलो किस्ता स्वरुप पाँच लाख दिए । हामी पनि ढुक्क थियौ । एमाले जस्तो पार्टीले अर्डर दिदा हामीले निकै जिम्मेवारीका साथ काम ग¥यौ । हामीले मसिन बनाउदै थियौ । केहि मसिन बनी सकेका थिए । एक दिन हामीलाई पार्टी कार्यलयमा बोलाए । हामी दुई मसिन लिएर गयौ । त्यहाँ हामीले मसिनमा भोट हाल्न सिकायौ । झलनाथ खनालले पनि भोट हाल्न सिक्नु भयो । त्यो कुरा पत्रपत्रिकामा पनि आयो । त्यसपछि एमालेका विभिन्न समुहहरु आउने क्रम शुरु भयो , समुहलाई उत्तर दिदा दिदा हैरान भयौं । विभिन्न किसमका मान्छे आउथे मसिनका बारेमा सोध्थे हामी जवाफ दिन्थ्यौ । कोहि पार्टीका हौ भन्दै आउथे । कोहि पार्टीका इन्जिनियर हौ भन्थे । सबैलाई मसिन देखाउथ्यौ । सोधेका प्रश्नको जवाफ दिन्थ्यौ । नेपालमा प्रयोग भइरहेका मसिन पनि कुनै स्टन्र्डड छैनन् हामीले बनाएको मसिन मा दुई ठाँउमा डाटा सेभ हुने बनाएका छौ । भारतबाट ल्याएर निर्वाचन आयोगले प्रयोग गरेको मसिनमा एक ठाँउमात्र डाटा सेभ हुन्छ । एक पटक भोट गनिसके पछि दोबारा त्यहाँ कुनै कुरा हेर्न मिल्दैन ।
एभरेष्ट होटलमा बोलाएर सारै बेइज्जत गरे
२१ गते बानेश्वरको एभरेष्ट होटलमा बोलायो । हामी दुई जना गयौ (राम रिमाल र के बि भण्डारी ) त्यहाँ दस बाह्र जना बसेका थिए । हामी पुग्ने बित्तिकै परिचय माग्यो । हामीले परिय दियौ । उनीहरुले आफ्नो परिचय नै दिएनन् । हामीले तपाईहरुको पनि परिचय दिनु होस् भन्दा बल्ल बल्ल परिचय दिए । त्यहाँ हामीलाई प्रविधि संग भन्दा पनि कसरी तल देखाउने बाहेक अरु केहि काम भएन । केहि समय पछि भीम रावल र माधव नेपाल आउनु भयो । उहाँ दुई जनाले हुन्छ भनेका थिए । उहाँहरु त्यहाँ हुन्जेल माधव नेपालका भाई र उनका पिए मोहन गौतम केहि बोल्नु भएन । नेपाल पन्ध्र मिनेट बसेर जानु भयो र रावल आधा घण्टा । उहाँ दुई जना गएपछि त्यहाँ बसेका दस बाह्र जनाको टोलीका काम भनेको हामीलाई जसरी हुन्छ निच देखाउने । उनीहरुले हामीले लिएर गएको मसिन लाई छुन सम्म छोएनन् । दस मिटर टाढा राखेर मसिनका बारेमा कुरा गरे । त्यहाँ अन्य दुई चार जना ठेट्ना इन्जिनियर लिएर आएका थिए । बाहिर पढेका हौ भन्ने घमण्ड बढी रहेछ । थ्यौरीटीकल कुरा गरेका थिए । प्राइटिकल ज्ञान जिरो रहेछ । पाँच घण्टा पछि बल्ल छोडे । पाँच घण्टा सम्म हामीलाई हिरासतमा राखेको जस्तो व्यवहार गरे । हामी प्राविधिक होइनौ एमालेका अपराधि हौ जस्तो भयो । हामी उनीहरुको हिरासतमा राखिएका छौ । देशको दोस्रो ठूलो पार्टीको कार्यकर्ताको व्यवहार भनेको घटिया रहेछ । अनुशासन भन्ने कुन चराको नाम हो ? उनलाई थाह नै रहेन छ । माधव नेपालका भाई र उनका पिएले नै हो हामीलाई सबै भन्दा अपमान गरे र एमालेको नवौ महाधिवेशनमा भोटीङ मसिनको पै्रयोग हुन दिएनन् ।
नेपालमा स्र्टान्र्डड मापन गर्ने संघसंस्था खोइ त ?
हामीले बनाएका भोटीङ मसिनका बारेमा लास्टमा आएर स्टान्र्डडको कुरा उठाए ।नेपालमा स्टान्र्डड दिने आधिकारीक निकाए खै त देखाई दिउन एमालेका मान्छेहरुले । उनीहरुपनि सत्ता घटक दलका मान्छेहरु हुन् । उनीहरुले भरखर्र उपनिर्वाचनमा प्रयोग गरेको भोटीङ मसिनको स्टान्र्डडता देखाइ दिउन त । चुनौति भयो उहाँहरुलाई । भारतबाट ल्याएको मसिन (VVPAT) voter verified paper audit trail होइन । नेपालीले आफ्नै सिप र प्रविधिमा बनाएको कुराको विरोध मात्र गरेनन् अपमान पनि गरे । हामीले मसिनको प्राविधिक कुरा हेर्न भनेर पुल्चोक इन्जिनियर क्याम्पसलाई,टियूलाई र अरुलाई पत्र पठाएका छौ । पुल्चोक इन्जिनियर क्यम्पसले मसिनको सप्टवेयर ठिक छ भनेर पत्र पठाएको छ । एमालेको बादरे प्रवित्तिले आफुपनि डुब्यो हामीलाई पनि डुबायो , एमाले देशको दोस्रो ठूलो दल मात्र होइन सरकारमा भएको ठूलो घटक पनि हो । त्यसका नेताहरु को प्रवृति देख्दा लाग्यो नेताहरु जनता संग ठिक्कका कुरा गर्ने तर भनेको आफ्ना भाइ भतिजा र पिएको मात्र मान्दा रहेछन् । त्यहि कुरा माधव नेपाल बाट भयो । एमालेले पैसा दिएन भने अदालत जान्छौ हामीले त एमालेको महाधिवेशनको निर्वाचन सम्म गरेपछि सबैमा विश्वास बढ्छ । हामीहरुको पनि बजार बन्छ भनेर फाइदाको कुरै गरेका थिएनौ । तर अहिले मसिन पनि प्रयोग भएन । हामीहरुलाई आर्थिक क्षतिपनि ठूलो भएको छ । एक मसिन बनाउन कम्तीमा एक लाख सकिएको छ । त्यहि हिसाबमा कुरा गर्दा पनि सत्तरी लाख हुन आउछ । हाम्रो अन्य खर्च पनि भएको छ । त्यो सबै जोड्दा लगभग असि लाख खर्च भएको छ । त्यो नेकपा एमालेले दिनु पर्छ ।
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दिएन भने अदालत जान्छौ। अदालतमा तीन वटा मुद्धा हाल्छौ ।  १. पहिलो हामीलाई आर्थिक क्षति भएको छ ,त्यसको भर्पाइको लागि मुद्धा हाल्छौ ।  २. हाम्रो गुडविलको क्षति भएको छ,त्यसको लागि मुद्धा हाल्छौ  ।  ३. हामीलाई एभरेष्ट होटलमा बोलाएर जुन बेइज्जत गरे त्यसको पनि मुद्धा हाल्छौ ।  पाँच घण्टा सम्म एभरेष्ट होटलमा बसेर एक पटक पनि हाम्रो मसिन छोएनन् । तर रिपोर्ट तिनीहरुले नै बनाए छन् । मसिन नछोएर बनाएको रिपोर्ट हो । हाम्रो मसिनको आठ मेघा बाइट छ । तर उनीहरुले रिपोर्टमा सात मेघा बाइटको छ भनेर भने । सात मेघा बाइट कुनै पनि बेला फेल हुन सक्छ भनेर पत्रकारलाई रघुजी पन्तले भनेको कुरा मिडियामा आयो । यीनीहरुको दिमाग नै अकुपाई रहेछ । नेपाली प्रविधि र प्रतिभा एमालेको गुटबन्दीको सिकार भएको छ । हामी मात्र होइन त्यहाँ हाइटेक बनाउन धरैले काम गरेका थिए । ती सबै अविश्वासको शिकार भएका हुन् । एमाले भनेको कालो पत्थर हो हामी साना भङ्गेरा हौ । हामी उनी संग लडेर भिडेर त लिन सक्दैनौ । हाम्रो अबको बाटो भनेको अदालत हो । समाचार आएको छ एक जना नेताले माफि मागे भनेर तर उनीहरुले माफि माग्न लाएको काम नै गरेका होइनन् । यो त अक्षम अपराध गरेका हुन् । यीनीहरुत आफुबाहेक अरु कसैलाई हेर्दा रहेछन् । यी नेताले त आफुलाई फाइदा हुन्छ भने देशपनि बेच्न समय लगाउदैनन् । एउटा भनाइ छ नपढेको मुर्ख भन्दा पढेको मान्छे बढी मुर्ख हुन्छ । बाई सय भोट गन्न सात दिन लगाए । कार्यकर्ताका बारेमा सोच्ने फुर्सद थिएन । केवल आफु जित्छौ कि जित्दैनौ । हाम्रा तीन वटा मसिन त अहिले पनि एमालेको पार्टी कार्यलय बल्खुमा नै छन् । ती मसिनबाट झलनाथ खनाल देखि अन्य कयौ कार्यकर्ताले भोट हाल्न सिके । मिडिया बोलाए फोटा खिचाए । पत्रपत्रिकामा छपाए । तर अन्त्यमा प्रविधि देखि नै डराए । हामीलाई नत केपि ओली जिताउदा फाइदा थियो । नत माधव नेपाल जिताउदा फाइदा । दुबै एमालेका नेता हुन् । तर आधिको मनमा चिसो पसेको भनेको संसदिय दलको नेताको निर्वाचनमा केपि ओली जिते । कास्कीको जिल्ला अधिवेशनमा पनि ओली प्यानलले जितेका रहेछन् । त्यहि भएर हो जस्तो लाग्छ अर्को पक्षले प्रविधि माथि नै शंका गरेका ।
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